वर्तमान सरकार बेसहारा और निराश्रित लोगों के लिए बहुत ही संवेदनशील है। सरकार ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में एक कदम आगे बढ़ाते हुए 101 करोड़ रुपये का मुख्यमंत्री सुखाश्रय कोष स्थापित कर ऐतिहासिक निर्णय लिया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री हिमाचल प्रदेश डाॅ. कर्नल धनीराम शांडिल आज सोलन विधानसभा क्षेत्र के टिक्कर गांव में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। 


 डाॅ. कर्नल शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सुखाश्रय सहायता योजना को महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश सरकार निराश्रित बच्चों के साथ-साथ बेसहारा महिलाओं के सुख व आश्रय तक साथ निभाने जा रही है। अभी तक निराश्रित बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक ही आश्रम में रहने की व्यवस्था मिलती थी तथा इसके बाद आश्रम में रह चुके बच्चों को सरकार की आफ्टर केयर योजना के तहत विभिन्न व्यवसायिक कोर्स जैसे आईटीआई, नर्सिंग, होटल मैनेजमेंट कोर्स करवाए जाते थे, ताकि वह समाज की मुख्य धारा में शामिल हो सकें।

लेकिन वर्तमान सरकार के इस फैसले से हिमाचल प्रदेश में जहां हजारों बेसहारा बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च सरकार वहन करेगी, वहीं सुक्खू सरकार एक अभिभावक के रूप में उनकी परवरिश भी करेगी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि सुखविंदर सिंह सुक्खू स्वयं तथा प्रदेश सरकार के मंत्री इस कोष के लिए अपना अंशदान दे चुके हैं तथा इसके साथ-साथ काॅरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के माध्यम से भी फंड एकत्र किया जाएगा, ताकि निराश्रित बच्चों के साथ-साथ जरूरतमंद एकल नारी की मदद की जा सके।


श्रम एवं रोजगार मंत्री ने इस अवसर पर जन समस्याएं भी सुनी तथा संबंधित अधिकारियों को यथाशीघ्र निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य मार्ग से टिक्कर गांव के लिए संपर्क मार्ग के रखरखाव तथा टिक्कर में पार्किंग व्यवस्था के लिए प्राक्कलन अनुसार उचित धनराशि उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया।

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