सोलन, 30 नवंबरहिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी ने एमएससी जैव प्रौद्योगिकी और एम.एससी सूक्ष्म जीव विज्ञान फाइनल ईयर के नतीजे जारी कर दिए हैं। ।शूलिनी इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज एंड बिजनेस मैनेजमेंट (एसआईएलबी) के छात्रों ने लगातार तीसरे साल एमएससी जैव प्रौद्योगिकी और एम.एससी माइक्रोबायोलॉजी में यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडल जीता है इसके अलावा  अन्य  १६ मेरिट  पद।विभा वर्मा,  एम.एससी माइक्रोबायोलॉजी की  छात्रा  ने शैक्षणिक वर्ष 2020-2022 में 80.9% के साथ गोल्ड मेडल प्राप्त किया। 2018-2020 शैक्षणिक वर्ष के लिए कंचन बाला, अजय जम्वाल, नीतिका कुमारी, आनंदिता शर्मा और मोनिका चौहान को एमएससी जैव प्रौद्योगिकी में टॉप टेन मेरिट पोजीशन से नवाजा गया है।

अंजलि और नितिन कुमार ने एम.एससी. में 9वीं और 10वीं मेरिट सीटें प्राप्त करके अपने महान शैक्षणिक रिकॉर्ड को बनाए रखा। 2019-2020 शैक्षणिक वर्ष में जैव प्रौद्योगिकी की छात्रा  महक मेहरा और ट्विंकल गुप्ता ने क्रमशः 84% और 78% मेरिट रैंक प्राप्त की।माइक्रोबायोलॉजी विभाग के छात्रों ने विभिन्न मेरिट पदों पर जीत हासिल कर संस्थान का नाम रोशन किया है। 2018-2020 शैक्षणिक वर्ष में रश्मि सुरियाल और रिशव को तीसरा और दसवां स्थान मिला था। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में सेरिंग पाल्मो पांचवें और अनूप कुमार सिन्हा तीसरे स्थान पर रहे।

दिव्या ने चालू सत्र में एमएससी में चौथा मेरिट स्थान अर्जित किया। माइक्रोबायोलॉजी, अकादमिक उपलब्धि के इतिहास को जारी रखना। श्रीमती सरोज खोसला, अध्यक्ष एसआईएलबी, और डॉ. शालिनी शर्मा, निदेशक एसआईएलबी ने छात्रों को उनकी उपलब्धियों पर बधाई दी। डॉ. मीनू ठाकुर (बायोटेक्नोलॉजी) और डॉ. दिव्या टंडन (माइक्रोबायोलॉजी) ने इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अपने-अपने विभागों के छात्रों और शिक्षण संकाय के प्रयासों की सराहना की।

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