स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कर्नल डॉ धनी राम शांडिल ने आज कुमारसैन के दरबार मैदान में आयोजित ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय लोगों की जन समस्याएं सुनी और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर उनसे चर्चा की। कार्यक्रम में 20 से अधिक समस्याओं और मांगों पर चर्चा की गई और इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश जारी किए गये। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार गाँव के द्वार कार्यक्रम में जहां एक ओर लोगों की समस्याओं का निदान हो रहा है वहीं दूसरी ओर भागदौड़ वाली ज़िंदगी में लोगों को आपसी मेल मिलाप का अवसर भी उपलब्ध हो रहा है।

कुमारसैन अस्पताल को आदर्श स्वास्थ्य संस्थान बनाने की घोषणा
उन्होंने कुमारसैन अस्पताल को आदर्श स्वास्थ्य संस्थान बनाने की घोषणा की और 20 फरवरी तक कुछ स्टाफ उपलब्ध करवाने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल में 6 विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध होंगे। इस आदर्श स्वास्थ्य संस्थान से कुमारसैन की 28 पंचायतें लाभान्वित होंगी। उन्होंने कहा कि ठियोग को सिविल अस्पताल बनाने की मांग जायज है और इसे मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आगे आकर सबका मार्गदर्शन किया जिसके फलस्वरूप सभी मंत्रियों और विधायकों ने आपदाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया। आपदा के दौरान प्रदेश में 12 हज़ार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ और लगभग 500 लोगों की जान गई। उन्होंने कहा कि इस दौरान सबने मिलकर कार्य किया जिसके फलस्वरूप हम इस दौर से बाहर निकले। उन्होंने कहा कि आपदा से जो विकास कार्य रुके पड़े थे उन्हें भी जल्द पूर्ण किया जाएगा।

डॉ धनी राम शांडिल ने कहा कि कुमारसैन सेब बाहुल्य क्षेत्र है। यहाँ सेब के लिए किलो के हिसाब से खरीद और कीमत में बढ़ोतरी दोनों के लिए विधायक ठियोग कुलदीप सिंह राठौर ने प्रयास किए जिसके फलस्वरूप यह लागू हुए। इसके अतिरिक्त, इस वर्ष से सेब के लिए यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली भी लागू कर दी जायेगी।

उन्होंने कहा कि नारकंडा में आईस स्केटिंग की शुरुआत की जा रही है जोकि बेहद सराहनीय है। इसके शुरू होने से युवाओं को एक स्थायी खेल गतिविधि उपलब्ध होगी जिससे वह नशे से दूर रहेंगे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने लोगों से गाय और पशुओं को निराश्रित न छोड़ने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए गाय का गोबर और मूत्र आवश्यक हैं।

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