अटल शिक्षा कुञ्ज, कालूझंडा स्थित आईईसी विश्वविद्यालय ने तमिलनाडु के नीलगिरी जिले के कुन्नूर में सेना के हेलिकॉप्टर क्रैश में शहीद हुए भारतीय सेना के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत सहित हादसे के शिकार अन्य सभी 11 जवानों को आईईसी विश्वविद्यालय परिसर में से याद कर श्रद्धांजलि प्रस्तुत की।
इस अवसर पर सभी शहीदों की आत्मा की शांति की प्रार्थना की गई और दो मिनट का मौन रखा।

इस दुःखद समय पर सभी शहीदों के परिवारों को इस शोलाकुल घड़ी में सहनशक्ति प्रदान करने की प्रार्थना भी की गई। आईईसी यूनिवर्सिटी के कुलपति (इंचार्ज) प्रो० (डॉ०) जितेन्द्र सिंह ने जनरल बिपिन रावत जी को नमन करते हुए उनके साहस और चीन से लगती सीमा पर बेहतर रणनीतिक कार्य करने और जम्मू-कश्मीर में आतंक विरोध अभियान की सफ़ल रणनीति बनाने में उनके अविस्मरणीय योगदान को याद किया।


उन्होंने आईईसी विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार का नाम ‘सी डी एस जनरल बिपिन रावत द्वार’ रखने की घोषणा भी की और रखरखाव का जिम्मा विश्वविद्यालय के एनसीसी विंग को सौंपा। उन्होंने छात्रों में देश के प्रति समर्पण के भाव को हमेशा जागृत रखने की अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया।

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