धर्मशाला, 07 दिसम्बरः सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीन चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार समग्र शिक्षा की ओर उन्मुख है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की बुनियाद जितनी मजबूत होगी, भविष्य उतना ही सुनहरा होगा। उन्होंने कहा कि बुनियादी स्तर पर गुणात्मक व आधुनिक शिक्षा सुविधा घरद्वार पर उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने प्राथमिक पाठशालाओं में पूर्व प्राथमिक प्री-प्राईमरी कक्षाओं की शुरूआत कर इस दिशा में एक अभिनव पहल की है। सरवीन चौधरी आज मंगलवार को राजकीय प्राथमिक पाठशाला दुरगेला में स्वर्ण जयंती ज्ञानोदय क्लस्टर मॉडल स्कूल योजना के तहत आईटी कक्ष का उद्घाटन करने के उपरांत बोल रहीं थी।
 

सरवीण  ने बताया कि स्वर्ण जयंती ज्ञानोदय क्लस्टर श्रेष्ठ विद्यालय योजना में लगभग 100 स्कूलों में गुणात्मक परिवर्तन किये जाएंगें। विशेष रूप से पूर्व प्राथमिक और प्राथमिक स्तर पर सरकारी स्कूलों में छात्रों के नामांकन को बढ़ाने के प्रयास किये जाएंगें। राज्य सरकार शिक्षा में गुणात्मक सुधार पर विशेष जोर देगी। जिसका प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों को उनके घरों के करीब सर्वोत्तम शिक्षा मिले। उन्होंने बताया इस योजना के तहत हर विधानसभा क्षेत्र से दो से तीन स्कूल लिए गए हैं जिसके लिए फंड भी जारी कर दिये गये हैं। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम बनाए जाएंगे। गर्मियों में बच्चों की सुविधा के लिए हर क्लास रूम में पंखे लगेंगे। स्कूल के चारों तरफ बाउंडरी वॉल लगाकर फूल और पेड़ पौधे लगाए जाएंगे। स्कूल कैंपस में महान विभूतियों और आजादी में अहम भूमिका निभाने वाले नेताओं की तस्वीरें लगाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत कुल 15-15 लाख रुपये जारी किये गये हैं। इसके साथ ही स्कूलो के लिए मॉनिटरिंग कमेटी भी बनाई गई है। उन्होंने बताया कि जिन स्कूलों को क्लस्टर बनाया गया है उनमें विद्यार्थियों की संख्या 50 और 100 के बीच है।
     

सरवीन ने बताया कि हिमाचल प्रदेश स्वर्ण जयंती ज्ञानोदय क्लस्टर श्रेष्ठ विद्यालय योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के सभी विद्यालयों की स्थिति में सुधार लाना है तथा प्री-प्राइमरी लेवल तक के सभी सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रोत्साहित करना, प्रदेश के सभी स्कूलों के विद्यार्थियों को भिन्नन्भिन्न प्रवेश परीक्षाओं के लिए तैयार करना है।
  उन्होंने बताया कि दरगेला पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों के लिए करीब एक करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। जिनमें  हरिजन बस्ती से दरगेला तक संपर्क सड़क के निर्माण पर 15 लाख, ठंबा संपर्क सड़क के लिए 10 लाख, रघुबीर हाऊस तक रास्ता निर्मित करने के लिए चार लाख तथा वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दरगेला में एक कमरे के निर्माण के लिए दस लाख की राशि स्वीकृत की गई है और इन सभी योजनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। इसके अतिरिक्त दरगेला वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में चार कमरों के निर्माण के लिए 55 लाख और युवक मंडल भवन दरगेला के लिए तीन लाख राशि स्वीकृत किये गये हैं जिनका कार्य प्रगति पर है।                    
 

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने बताया कि दरगेला, बसनूर और ठंबा गांव के लिए पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए नाबार्ड द्वारा अढाई करोड़ रुपये व्यय किये जा रहे हैं। इस योजना के तहत इन गांवों के लिए दो नए ट्यूबवेल, दो पंप हाऊस और एक लाख लीटर और 50 हजार लीटर क्षमता के दो नए टैंक बनवाने का प्रावधान है। इस योजना का 95 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत विभिन्न पेयजल उयोजनाओं के सुधार पर 510.36 लाख की राशि व्यय की जा रही है इस योजना के अन्तर्गत दुरगेला, बसनूर गांव में 320 नए नल लगाने का प्रावधान है।
       

इसके उपरांत सरवीन ने दुरगेला में लोगों की समस्याओं को सुना और अधिकांश का मौके पर  ही निपटारा कर दिया व शेष समस्याओं के समाधान के लिए सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये।
इस अवसर अधिशाषी अभियंता जजलशक्ति विभाग सुमित कटोच, जेई लोक निर्माण विभाग अंकुश, प्रिंसिपल दुरगेला नरेन्द्र सिंह, बीओ प्रीतम, बीओ कमलेश कुमारी, केंद्र मुख्य शिक्षक सुरेश शर्मा,  शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष पवन कुमार, चेयरमैन विजय, उपप्रधान भनाला जन्म सिंह, प्रधान घरोह तिलक राज शर्मा, उप प्रधान बसनूर केवल कृष्ण सहित स्कूल के बच्चे व स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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