धर्मशाला, 7 अक्तूबर: जिला काँगड़ा के बैंकों की जिला स्तरीय समीक्षा समिति की जून 2022 तिमाही की बैठक का आयोजन आज यहां डीआरडीए कार्यालय में किया गया। बैठक का संचालन मुख्य अग्रणी जिला प्रबंधक कुलदीप कुमार कौशल ने किया बैठक में पंजाब नैशनल बैंक के धर्मशाला मण्डल के उपमण्डल प्रमुख राजेंद्र कुमार, डीडीएम नाबार्ड अरुण खन्ना, भारतीय रिजर्व बैंक से ए.जी.एम. आरबीआई अमरेंद्र गुप्ता तथा सभी प्रमुख बैंकों के समन्वयक तथा विभिन्न सरकारी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


उप मण्डल प्रमुख पंजाब नैशनल बैंक धर्मशाला राजेंद्र कुमार ने अपने सम्बोधन में बताया कि कांगडा जिले के बैंकों ने वार्षिक ऋण योजना 2022-23, जून तिमाही 2022 के अंतर्गत 1286 करोड रुपये के एवज में 1347 करोड रुपये के ऋण वितरित किए गये हैं। उन्होंने बताया कि जिला कांगड़ा में विभिन्न बैंकों के पास लोगों के 34569 करोड़ रुपये जमा हैं तथा जिला के सभी बैंक अब तक लोगों को 8054 करोड रुपये के ऋण जून 2022 तक दे चुके हैं। ए.जी.एम. आरबीआई अमरेंद्र गुप्ता ने जिला कांगड़ा के सभी बैंकों की उपलब्धियों पर चर्चा की तथा साथ ही सभी बैंकों को उनके लक्ष्य पूरा करने को कहा।  उन्होंने जिला के सभी विभागों से मिल-जुलकर कार्य करने के लिए कहा, जिससे जिले में विभिन्न विकास कार्यों में तेजी लाई जा सकें। उन्होंने जमा ऋण अनुपात की कमी पर चिंता व्यक्त की तथा सभी बैंकों को दिशानिर्देश दिए कि वह सीडी रेशो को बढाएं और उन्होंने बैंको को ग्राहकों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने के लिए कहा।


इस अवसर पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत आने वाले किसानों को विभिन्न योजनाओं के तहत चलाए गए अभियान की समीक्षा की गई तथा सभी बैंकर साथियों से इस अभियान को सफल बनाने हेतु अधिक से अधिक किसानांेे को इन योजनाओं से जोड़ा जाए ताकि किसान अधिक से अधिक लाभ उठा सकें तथा अपनी आय में वृद्धि कर सकें। अग्रणी जिला प्रबंधक कुलदीप कुमार कौशल ने सभी बैंकों को जिला के कृषि क्षेत्र के उत्थान के लिए किसानो को अधिक से अधिक आर्थिक मदद देने के लिए कहा। जिला अग्रणी मुख्य प्रबंधक ने मुख्यमंत्री स्वावलंवन तथा छोटे सड़क विक्रेताओं तथा रेहडी फड़ी वालों के लिये चलाई गयी प्रधानमंत्री स्वानिधि स्कीम के अन्तर्गत अधिक से अधिक ऋण देने के लिए प्रोत्साहित किया। डीडीएम नाबार्ड अरुण खन्ना ने एफपीओ स्कीम में एक जिला एक उत्पादत तथा कृषि अवसंरचना कोश के बारे में विस्तार पूर्वक बताया।


इस अवसर पर भारतीय रिजर्व बैंक से ए.जी.एम. आरबीआई अमरेंद्र गुप्ता ने  कृषि क्षेत्र तथा प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों में अधिक से अधिक ऋण देने तथा किसानों की आय में वृद्धि किये जाने पर जोर दिया। उन्होंने बैंकों के अधीन काम करने वाले बैंक मित्र जो की निष्क्रिय हैं उन्हें सक्रिय किया जाए या फिर उनके स्थान पर नए बैंक मित्र को नियुक्त किया जाए ताकि जो क्षेत्र बैंक सुविधाओं से अवांछित हैं उन्हें इन बैंक मित्रों द्वारा बैंकिंग सुविधाएं दी जा सकें। बैठक में सेल्फ हेल्प ग्रुप के प्रोत्साहन तथा उन्हें बैंक ऋण मुहैया कराने पर भी जोर दिया गया।

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