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बाल अधिकारों को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

धर्मशाला, 02 फरवरी: बाल श्रम, गलियों या सड़कों पर रह रहे बच्चों, बाल अधिकारों, बाल विकास जैसे विषयों पर डीआरडीए के सभागार में आज एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता जिला कार्यक्रम अधिकारी रंजीत सिंह ने की। कार्यशाला का आयोजन जिला बाल संरक्षण इकाई कांगड़ा स्थित धर्मशाला द्वारा किया गया।
  जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि बाल संरक्षण के तहत विभिन्न विभागों में चल रही विविध योजनाओं का लाभ पात्र बच्चों को मिले इस सम्बन्ध में विभागों को एक मंच पर इक्कठा कर समन्वय व परामर्श कर कार्य को गति प्रदान करना इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि संस्कारवान पीढ़ी तैयार करने में हम सभी को सहभागिता निभानी होगी तथा हर उम्र के बच्चे को भयमुक्त वातावरण देना हमारा कर्तव्य है। साथ सभी को संकल्पित भाव से काम करना होगा। उन्होंने कहा कि शहर हो या गांव हर क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा दीक्षा के बेहतर प्रबंध, स्वास्थ्यगत देखभाल, संरक्षण, शोषण से बचाव की जिम्मेदारी हम सभी की है। उन्होंने इस दौरान अपने विभाग से सम्बन्धित विभिन्न योजनाओं बारे विस्तार से जानकारी दी।
  कार्यक्रम की शुरूआत में जिला बाल संरक्षण अधिकारी राजेश शर्मा ने सभी सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बाल संरक्षण एवं गलियों और बाजारों/सड़कों पर असुरक्षित जीवन यापन करने वाले बच्चों को सरकारी योजनाओं के सुरक्षा जाल के अन्दर लाने और उन्हें सामाजिक सुरक्षा देकर मुख्यधारा से जोड़ने के लिए क्या-क्या कदम उठाए जाएं इस पर विस्तार से जानकारी दी गई।
  राजेश शर्मा ने बताया कि जिले के प्रत्येक गांव में एक ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समिति का गठन किया गया है। इस समिति का गठन करने का मुख्य उद्देश्य गांव में बच्चों के हितों को संरक्षण करना व बच्चों से सम्बन्धित समस्याओं का ग्राम स्तर पर ही निवारण करना है। जो यह समिति जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा जिले के प्रत्येक गांव में गठित की गई है तथा जिला संरक्षण इकाई की देख-रेख में ही संचालित की जाती है।
  रिसोर्स पर्सन मानव अधिकार व बाल श्रम निषेध अधिनियम पर हिमाचल प्रदेश राज्य मानव अधिकार आयोग के सदस्य अवतार चंद डोगरा द्वारा विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि बाल श्रम निषेध कानून में 2016 में एडोलसेंट लेबर को शामिल किया गया। जिसमें बच्चा अपने परिवार के काम में सहयोग कर सकता है। श्रम निरीशक नरेश कुमार ने बाल श्रम के बारे तथा संरक्षण अधिकारी, जिला बाल संरक्षण कार्यालय कांगड़ा आशीष पठानिया ने दत्तक गृहण एवं धातृ देखरेख जैसे बाल संरक्षण विषयों पर लाभदायक जानकारियां प्रदान की।

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