SAMNA NEWS

भेड़ पालकों के चरान परमिट होंगे डिजिटाईज: पठानिया

धर्मशाला, 17 मार्च। भेड़ पालकों के चरान परमिटों को डिजिटाईज किया जाएगा इस के लिए वन विभाग द्वारा दस्तावेज एकत्रित किए जा चुके हैं ताकि भेड़ पालक राज्य में कहीं भी अपना परमिट नवीनीकरण करवा सकें। यह जानकारी वन, खेल एवं युवा सेवाएं खेल मंत्री राकेश पठानिया ने धर्मशाला के सर्किट हाउस में चरान सलाहकार पुनर्वलोकन समिति की 48 वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि चरान परमिट के लिए वेब आधारित एप्लीकेशन तैयार कर दी गई है तथा आगामी वित वर्ष में चरान परमिट पूरी तरह से डिजिटाईज हो गए हैं। वन मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि चरान परमिट के नवीनीकरण की अवधि तीन वर्ष से बढ़ाकर छह वर्ष कर दी गई है ताकि भेड़ पालकों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं हो।
     वन मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि चारागाह मार्गों को भी डिजिटाईज किया जा रहा है पहले चरण में आठ चारागाह मार्गों का डिजिटाईजेशन का कार्य पूर्ण हो चुका है इससे भेड़ पालकों को चारागाह मार्गों में किसी भी तरह की दिक्कत होने पर उनसे संपर्क करना आसान हो जाएगा। वन मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि चारागाह क्षेत्रों में लैंटाना प्रमुखता से हटाया जा रहा है व जंगलों में चारा प्रजाति के पौधों को बढ़ावा दिया जा रहा है जिस के लिए कैंपा तथा अन्य विभिन्न योजनाओं के तहत बजट का प्रावधान किया जा रहा है।  
  उन्होंने कहा कि समिति की बैठक में निर्णय लिया गया है कि जिला चंबा, कांगड़ा के अधिकतर प्रयोग होने वाले आवागमन के रास्तों में तीन-तीन कुल स्थानों को चिह्न्ति करके एकीकृत विकास योजना के तहत डंपिंग टैंक, सरोवर एवं अस्थाई शैड की सुविधा आगामी तीन महीने के भीतर विकसित की जाएगी।
   वन मंत्री ने कहा कि भेड़ पालकों के भेड़, बकरियों के चोरी रोकने के लिए गंभीरता से कदम उठाए जा रहे हैं, पुलिस महानिदेशक ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं पशु चोरी की घटनाओं पर त्वरित पुलिस सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि भेड़ पालकों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी विभिन्न जिलों में स्थापित किए जाएंगे तथा इन नंबरों के बारे में सभी भेड़ पालकों को सूचित किया जाएगा ताकि आपदा की स्थिति में भेड़ पालकों को त्वरित सहायता प्रदान की जा सके।
   इस अवसर पर वूल फेडरेशन के चेयरमैन त्रिलोक कपूर ने सरकार तथा वन मंत्री का चरान सलाहकार समिति की नियमित तौर पर बैठकें आयोजित करने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चरान सलाहकार समिति ने भेड़ पालकों की समस्याओं को त्वरित निदान सुनिश्चित किया है। इस अवसर पर प्रधान मुख्य अरण्यपाल अजय श्रीवास्तव, अतिरिक्त मुख्य अरण्यपाल डा काप्टा ने बैठक में गैर सरकारी सदस्यों द्वारा भेड़ पालकों की समस्याओं का त्वरित निदान सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर वन विभाग के विभिन्न अधिकारी तथा गैर सरकारी सदस्य उपस्थित थे।

Leave a Reply

%d bloggers like this: