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प्रधानमंत्री ने 11,581 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं राज्य को समर्पित कीं

शिमला 27 दिसम्बर, 2021 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्तमान राज्य सरकार के चार साल के कार्यकाल के पूरा होने के अवसर पर आज मण्डी के ऐतिहासिक पड्डल मैदान से राज्य के लिए लगभग 11,581 करोड़ रुपये लागत की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए।

प्रधानमंत्री ने मण्डी से वर्चुअल माध्यम से हिमाचल प्रदेश पावर काॅरपोरेशन लिमिटेड (एचपीपीसीएल) द्वारा 2082 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 111 मेगावाट क्षमता की सावड़ा कुड्डू जल विद्युत परियोजना का लोकार्पण किया। शिमला जिले में पब्बर नदी पर प्रसिद्ध हाटकोटी मंदिर के समीप निर्मित इस परियोजना से प्रतिवर्ष 386 करोड़ यूनिट विद्युत उत्पादन होगा और एचपीपीसीएल के माध्यम से राज्य को लगभग 120 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व प्राप्त होगा। उन्होंने सिरमौर जिले में गिरी नदी पर 7000 करोड़ रुपये के रेणुका जी बांध और हमीरपुर व कांगड़ा जिले में ब्यास नदी पर बनने वाले भारत सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त उपक्रम 66 मेगावाट क्षमता की धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना की आधारशिला भी रखी। सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित की जा रही इस परियोजना को 688 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने शिमला और कुल्लू जिलों में सतलुज नदी पर 1811 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली 210 मेगावाट क्षमता की लुहरी स्टेज-1 जल विद्युत परियोजना का शिलान्यास भी किया।

इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोगों के साथ उनके भावनात्मक संबंध हैं। उन्होंने राज्य सरकार को चार साल का महत्वपूर्ण कार्यकाल पूर्ण करने के लिए भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस डबल इंजन सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि महामारी के दौरान भी विकास की गति निर्बाध रूप से चलती रहे। उन्होंने कोविड-19 महामारी को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य में शत-प्रतिशत पात्र आबादी का टीकाकरण राज्य सरकार के समर्पित और प्रतिबद्ध प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य को वर्तमान सरकार के कार्यकाल में एम्स, अटल टनल और चार चिकित्सा महाविद्यालय प्राप्त हुए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के लोगों के लिए जीवन की सुगमता सबसे प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है और इसमें बिजली बहुत बड़ी भूमिका निभाती है। आज शुरू की गई जल-विद्युत परियोजनाएं पर्यावरण के अनुकूल विकास के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि गिरी नदी पर बन रही श्री रेणुकाजी बांध परियोजना जब पूरी हो जाएगी तो एक बड़े क्षेत्र को इससे सीधा लाभ होगा। इस प्रोजेक्ट से जो भी आय होगी उसका भी एक बड़ा हिस्सा यहीं के विकास पर खर्च होगा।

प्रधानमंत्री ने नए भारत की बदली हुई कार्यशैली को दोहराया। पर्यावरण लक्ष्यों से जुड़े कार्यों की रफ्तार पर बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने 2016 में ये लक्ष्य रखा था कि वो साल 2030 तक, अपनी कुल स्थापित बिजली क्षमता का 40 प्रतिशत, गैर-जीवाश्म ऊर्जा स्रोतों से पूरा करेगा। आज हर भारतीय को इसका गर्व होगा कि भारत ने अपना ये लक्ष्य, इस साल नवंबर में ही प्राप्त कर लिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा देश जिस प्रकार से पर्यावरण को बचाते हुए विकास को गति दे रहा है, उसकी विश्वभर में प्रशंसा हो रही है। सोलर पावर से लेकर हाइड्रो पावर तक, पवन ऊर्जा से लेकर ग्रीन हाइड्रोजन तक, देश रिन्यूएबल एनर्जी के हर संसाधन को पूरी तरह इस्तेमाल करने के लिए निरंतर काम कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने सिंगल यूज प्लास्टिक के उन्मूलन के विषय पर कहा कि पहाड़ों को प्लास्टिक की वजह से जो नुकसान हो रहा है, हमारी सरकार उसे लेकर भी सतर्क है। सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ देशव्यापी अभियान के साथ ही हमारी सरकार, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट पर भी काम कर रही है। व्यवहार में बदलाव की आवश्यकता पर जोर देते हुए श्री मोदी ने कहा कि हिमाचल को स्वच्छ रखने में प्लास्टिक और अन्य कचरे से मुक्त रखने में पर्यटकों का भी दायित्व बहुत बड़ा है। इधर-उधर फैला प्लास्टिक, नदियों में जाता प्लास्टिक, हिमाचल को जो नुकसान पहुंचा रहा है, उसे रोकने के लिए हमें मिलकर प्रयास करना होगा।

प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश में दवा क्षेत्र के विकास की सराहना करते हुए कहा कि यदि भारत को आज दुनिया की फार्मेसी कहा जाता है, तो इसके पीछे हिमाचल की बहुत बड़ी ताकत है। कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान हिमाचल प्रदेश ने ना सिर्फ दूसरे राज्यों, बल्कि दूसरे देशों की भी मदद की है।

राज्य के शानदार प्रदर्शन के बारे में चर्चा करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमाचल ने अपनी पूरी वयस्क जनसंख्या को वैक्सीन देने में सबसे बाजी मार ली। यहां जो सरकार में हैं, वो राजनीतिक स्वार्थ में डूबे नहीं बल्कि उन्होंने पूरा ध्यान, हिमाचल के एक-एक नागरिक को वैक्सीन कैसे मिले, इसमें लगाया है।

इससे पूर्व, प्रधानमंत्री ने प्रदर्शनी स्थल का दौरा किया और प्रदर्शनी में गहरी रूची दिखाई।

मण्डी में 28,197 करोड़ रुपये की 287 निवेश परियोजनाओं की दूसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मण्डी में हिमाचल प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्ज़ मीट की दूसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी की भी अध्यक्षता की। इस आयोजन में 28,197 करोड़ रुपये लागत की 287 निवेश योग्य परियोजनाओं को धरातल पर उतारा गया। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति प्रदान करने के साथ-साथ लगभग एक लाख रोजगार के अवसर सृजित होने की सम्भावना है।

मेगा परियोजनाओं में एसजेवीएनएल द्वारा 7000 करोड़ रुपये की लागत की रेणुकाजी बांध परियोजना, मैसर्ज़ एसएमपीपी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 2,000 करोड़ रुपये लागत का राज्य का पहला डिफेंस पार्क, मैसजऱ् किनवन प्राइवेट लिमिटिड द्वारा 850 करोड़ रुपये लागत की एपीआई इकाई, मैसजऱ् इंडो फार्म इक्विपमेंट लिमिटेड द्वारा 510 करोड़ रुपये लागत से राज्य का पहला डिफेंस पार्क शामिल हैं। इसके अलावा, उद्योग और ऊर्जा के साथ-साथ पर्यटन, स्वास्थ्य, आयुर्वेद आदि क्षेत्रों से सम्बन्धित परियोजनाएं भी धरातल पर उतारी गईं।

उन्होंने इस अवसर पर राज्य की स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति का अनावरण भी किया।

प्रधानमंत्री ने वर्तमान राज्य सरकार की चार वर्ष की उपलब्धियों पर आधारित ‘सेवा और सिद्धि के, 4 साल समृद्धि के’ काॅफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। यह काॅफी टेबल बुक सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा तैयार की गई है। इस अवसर पर वर्तमान राज्य सरकार की विभिन्न उपलब्धियों पर आधारित विभाग द्वारा निर्मित वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किया गया।

मुख्यमंत्री ने शाॅल, हिमाचली टोपी और त्रिशूल भेंट कर प्रधानमंत्री का स्वागत किया।

इससे पूर्व, मण्डी के कंगनीधार हैलीपैड पर प्रधानमंत्री के आगमन पर राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर और प्रदेश मंत्रिमण्डल के सदस्यांे ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने छोटी काशी मण्डी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश का सौभाग्य है कि हमें प्रधानमंत्री का विशेष स्नेह प्राप्त है और वह राज्य की विकासात्मक मांगों के प्रति सदैव संवेदनशील रहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता का भी प्रधानमंत्री के साथ विशेष नाता है और यह राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस छोटी काशी को धार्मिक पर्यटन के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि मंडी के कंगनीधार में 183 करोड़ रुपये की लागत से शिवधाम का निर्माण किया जा रहा है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि यह हिमाचल प्रदेश के इतिहास में एक रिकार्ड है कि प्रधानमंत्री ने एक दिन में ही 11,581 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परियोजना रेणुका जी जिसकी आधारशिला आज प्रधानमंत्री ने रखी है में 40 मेगावाट विद्युत क्षमता वाले सतही विद्युत घर में न केवल 200 मिलियन यूनिट ऊर्जा का उत्पादन होगा, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली को प्रति सेकंड 23 क्यूबिक मीटर पानी की आपूर्ति से दिल्ली की 40 प्रतिशत पेयजल की आवश्यकता पूरी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत राज्य के 4.25 लाख से अधिक परिवारों को कवर किया गया है और 1.16 लाख लाभार्थियों के निःशुल्क ईलाज के लिए 139.13 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। इसी तरह मुख्यमंत्री स्वास्थ्य देखभाल योजना-हिमकेयर के तहत 5.13 लाख परिवारों को पंजीकृत किया गया है और इस योजना के तहत 2.17 लाख लोगों के निःशुल्क उपचार के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सहारा योजना के तहत गंभीर बीमारी से ग्रसित रोगियों के परिवारों को 3000 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है। इस योजना के तहत अब तक 16,820 लाभार्थियों को 56.13 करोड़ रुपये प्रदान किए जा चुके हैं।

जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में 6.09 लाख से अधिक लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है और वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल के दौरान सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लगभग 1.95 लाख नए मामले स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जनमंच और मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन-1100 जैसी योजनाएं राज्य के लोगों की समस्याओं का उनके घर के समीप और दूरभाष के माध्यम से त्वरित समाधान के लिए वरदान साबित हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत अब तक 1.36 लाख परिवार लाभान्वित हुए हैं। इस पर 21.81 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं और मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना के तहत 119.90 करोड़ रुपये व्यय कर 3.23 लाख परिवारों को कवर किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल टनल प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश के लोगों को दिया गया सबसे बड़ा उपहार है। उन्होंने कहा कि यह टनल न केवल दुर्गम जिला लाहौल-स्पीति के लोगों के लिए वरदान साबित हुई है बल्कि एक मुख्य पर्यटन आकर्षण के रूप में भी उभरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा तथा प्रोत्साहन के परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश न केवल देश में पात्र आयु वर्ग को पहली डोज लगवाने में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने में प्रथम प्रदेश बना है बल्कि प्रदेश की पात्र आबादी को दूसरी डोज लगवाने में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने में भी देश का पहला राज्य बना है। उन्होंनेे कोरोना महामारी के दौरान प्रदेश को उदार सहायता प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होेंने प्रधानमंत्री को आश्वस्त किया कि प्रदेश उनकी घोषणा के अनुसार 3 जनवरी, 2022 से राज्य में प्रभावी रूप से बूस्टर तथा प्रीकाॅशनरी डोज लगवाएगा।

जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार कठिन परिश्रम, समर्पण तथा लोगों की सेवा करते हुए राज्य में प्रत्येक पांच वर्ष के बाद सरकार बदलने की प्रथा को तोड़ने के लिए प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र तथा प्रदेश में डबल इंजन की सरकार के परिणामस्वरूप आज राज्य में बिलासपुर में एम्स के अतिरिक्त सरकारी क्षेत्र में छः मेडिकल काॅलेज तथा निजी क्षेत्र में एक मेडिकल काॅलेज, अटल टनल तथा ऊना में पीजीआई का सेटेलाइट केंद्र विद्यमान है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा 6 सितम्बर, 2021 को अपने संबोधन में राज्य के लिए निर्धारित किए गए छः लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए भी प्रदेश प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ड्रोन तकनीक को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है जिसमें स्वास्थ्य तथा अन्य क्षेत्रों पर विशेष बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टांडा से धर्मशाला तक ड्रोन तकनीक के माध्यम से दवाइयां पहुचाई गई।

प्रधानमंत्री का दूसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 में धर्मशाला में आयोजित अन्तरराष्ट्रीय इन्वेस्टर्ज़ मीट में प्रधानमंत्री की उपस्थिति से प्रदेश के लोग बेहद प्रसन्न थे। इस इन्वेस्टर्ज़ मीट में 96 हजार करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए गए थे तथा उसी वर्ष 27 दिसम्बर को 13500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की पहली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी भी आयोजित की गई।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा युवा कार्य एवं खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रदेश तथा प्रदेशवासियों के लिए विशेष स्नेह रखते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एम्स, ऊना में पीजीआई का सेटेलाइट केंद्र, चार मेडिकल काॅलेज, विभिन्न मेगा परियोजनाएं प्रधानमंत्री के आशीर्वाद के कारण ही सम्भव हो पाई हैं। उन्होेंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आज कई वर्षो तक लम्बित रेणुका जी परियोजना तथा धौलासिद्ध परियोजना का शिलान्यास किया गया जो केवल प्रधानमंत्री के प्रयासों से ही सम्भव हो पाया है। उन्होंने कहा कि विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान को देश में सफल बनाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल एवं मजबूत नेतृत्व को जाता है।

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, सांसद एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप, सांसद कांगड़ा संसदीय क्षेत्र किशन कपूर, सदस्य राज्यसभा इन्दु गोस्वामी प्रधानमंत्री के साथ मंच पर उपस्थित थे जबकि हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक, विभिन्न बोर्ड तथा निगमों के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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