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लोक सेवा आयोग की सदस्य डाॅ. रचना गुप्ता द्वारा लिखित पुस्तक देवधरा पर की गई विस्तृत चर्चा

शिमला, 02 जुलाई शिमला पुस्तक मेले के तहत राष्ट्रीय पुस्तक न्यास भारत तथा भाषा एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पुस्तक विमर्श कार्यक्रम के तहत हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की सदस्य डाॅ. रचना गुप्ता द्वारा लिखित पुस्तक देवधराः हिमाचल प्रदेश पर आज विस्तृत चर्चा की गई।
सचिव कला एवं भाषा अकादमी शिमला डाॅ. कर्म सिंह ने विमर्श के दौरान पुस्तक को समग्र रूप से हिमाचल का प्रतिनिधित्व करती हुई पुस्तक बताया। उन्होंने कहा कि शासन की सूझबूझ, पत्रकारिता के व्यापक अनुभव व समाज सेवा के लिए समर्पित डाॅ. रचना गुप्ता अपने विचार आमजन तक पहुंचाने की दक्षता रखती है।  
उन्होंने कहा कि हिमाचल की उन्नति, प्रगति व विभिन्न घटना क्रमों के साथ-साथ पुस्तक में सांस्कृतिक परम्पराओं को पर्याप्त स्थान प्रदान किया गया है।
उन्होंने कहा कि शोध पूर्ण तथ्य, प्रामाणिक विवेचन, मानवीय संवेदनाएं, विवेकपूर्ण इतिहास दृष्टि सहित हिमाचल प्रदेश के अनेक विवरण इस पुस्तक में निहित है।
पूर्व प्रशासनिक अधिकारी व लेखक डाॅ. देवेन्द्र गुप्ता ने अपने वक्तव्य में डाॅ. रचना गुप्ता की इस कृति के प्रकाशन को स्वर्णिम हिमाचल के 50वें वर्ष पर बहुत बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने पत्रकारिता और साहित्यकारिता की महीन रेखा को लांघते हुए डाॅ. रचना गुप्ता को साहित्यकारिता में आमंत्रित किया।
उन्होंने कहा कि पत्रकार के तौर पर डाॅ. रचना गुप्ता ने राजनैतिक और सामाजिक विषयों के साथ-साथ समाज की अंतिम पंक्ति तक आवाज पहुंचाकर जागरूक किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक विकासात्मक पत्रकारिता का प्रतीक है।
पूर्व प्रशासनिक अधिकारी एवं वरिष्ठ लेखक के.आर. भारती ने हिमाचल की जानकारी प्रदान करने में डाॅ. रचना गुप्ता के इस प्रयत्न पर साधुवाद व्यक्त करते हुए इस पुस्तक को अत्यंत प्रभावी बताया है। उन्होंने कहा कि पुस्तक में सांख्यिकी के आधार पर जुटाए गए आंकड़े शोधकर्ताओं और प्रशिक्षार्थियों के लिए बहुमूल्य है।
अकादमी के पूर्व सचिव व वरिष्ठ लेखक सुदर्शन विशिष्ट ने देवधरा हिमाचल प्रदेश पुस्तक को प्रदेश की ताजा जानकारी का ज्ञान देने वाली पुस्तक बताया, जो हिमाचल के साथ-साथ अन्य राज्यों के लोगों के लिए भी ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी है। उन्हांेने कहा कि वर्तमान समय में ऐसी पुस्तकों की बहुत बड़ी मांग है, जिसकी पूर्ति यह पुस्तक करती है।  
कार्यक्रम के मुख्यातिथि कुलपति नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी हिमाचल प्रदेश डाॅ. निष्ठा जयसवाल ने साहित्यिक व काव्यात्मक भाव से पुस्तक की प्रशंसा करते हुए इसे सांख्यिकीय तालिकाओं से ओत-प्रोत हिमाचल के विभिन्न दृष्टिकोणों, अवस्थाओं तथा विकास मार्गों को इंगित करती पुस्तक बताया जो हिमाचल की विविध सूचनाओं से लबरेज ज्ञानवर्धक पुस्तक है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल की प्रगति की राहें विकास मार्गों से होती विकास संतान मार्गों से गुजरती हुई आने वाले चुनौतियों की बात पुस्तक में अत्यंत चुनौती भरे रूप में कही गई है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल की उन्नति और प्रगति के पटल पर लोकतांत्रिक पन्नों में सभी नेताओं के शुमार का वर्णन वास्तुकार, रचनाकार के रूप में प्रस्तुत किया गया, जो अत्यंत प्रभावित करता है। उन्होंने डाॅ. रचना गुप्ता को इस कृति के लिए शुभकामनाएं दी।
निदेशक भाषा संस्कृति विभाग डाॅ. पंकज ललित ने कहा कि पुस्तक मेले को व्यापक रूप प्रदान करते हुए सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियां आयोजित की गई। स्कूली बच्चों को मेले का हिस्सा बनाने के उद्देश्य की पूर्ति के लिए सकारात्मक सहयोग स्कूलों से मिला। उन्होंने कहा कि बच्चों में पढ़ने और साहित्य के प्रति रूचि इस मेले के आयोजन से आवश्यक पूर्ण हुई होगी, ऐसा मेरा मानना है।
उन्हांेने कहा कि डाॅ. रचना गुप्ता की इस पुस्तक का प्रकाशन राष्ट्रीय पुस्तक न्यास ने किया है, जिसके माध्यम से हिमाचल की विकास गाथा व समृद्धि का वर्णन मिलता है। उन्होंने कहा कि शोधकर्ताओं के लिए हिमाचल पर लिखी गई अन्य पुस्तकों के साथ-साथ यह पुस्तक भी उपयोगी होगी।
लेखिका डाॅ. रचना गुप्ता ने आभार उद्बोधन में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के लेखन पैमाने पर खरा उतरने व उसमें सम्मिलित करने के लिए राष्ट्रीय पुस्तक न्यास का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पाठकों मंे राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की विश्वसनीयता बनी है और भविष्य में भी बनी रहेगी।
उन्होंने सभी वक्तागणों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने पुस्तक पर सकारात्मक विचार प्रस्तुत करने के साथ-साथ भविष्य में की जाने वाली अनेक तैयारियों व अभ्यासों के लिए चेताया।
उन्होंने पुस्तक लेखन के संबंध तथा सामग्री की उपलब्धता के लिए किए गए प्रयासों का भी वर्णन किया।
सम्पूर्ण कार्यक्रम का सफल संचालन डाॅ. ललित मंडोला निदेशक राष्ट्रीय पुस्तक न्यास ने किया। उन्होंने डाॅ. रचना गुप्ता की पुस्तक का स्वागत करते हुए उसमें निहित सामग्री की उन्मुक्त कंठ से प्रशंसा की। इस संदर्भ में रचनाकार के कार्यों के प्रति उन्होंने साधुवाद व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास प्रदेश के अनेक स्थानों पर पुस्तक मेलों का आयोजन कर जहां पाठकों की संख्या में वृद्धि करेगा वहीं नवोदित व प्रतिष्ठित लेखकों के साथ समन्वय स्थापित कर हिमाचल की अनेक अन्य अनछुए पहलुओं को उजागर करती हुई पाठन सामग्री का भी प्रकाशन करने का प्रयास करेगा।
कार्यक्रम में अकादमी के पूर्व सचिव जगदीश शर्मा, प्रख्यात साहित्यकार सुशील कुमार फुल्ल, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी एवं लेखक सीआरबी ललित, पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा, पूर्व जिला लोक सम्पर्क अधिकारी डीडी गुप्ता तथा बड़ी संख्या में विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी उपस्थित थे।

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